फरीदकोट, 5 अगस्त : पंजाब सरकार, उच्च शिक्षा एवं भाषा विभाग ने राज्य भाषा अधिनियम 1967 और राज्य भाषा (संशोधन) अधिनियम 2008 की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। इस अधिनियम के तहत आदेश जारी किए गए हैं कि “पंजाब सरकार के सभी सरकारी/अर्ध-सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और शैक्षणिक संस्थानों में सभी आधिकारिक कार्य पंजाबी भाषा में अनिवार्य किए जाएं। इसके साथ ही सभी विभागों की वेबसाइट अंग्रेजी के साथ-साथ पंजाबी भाषा (अर्थात दोनों भाषाओं) में तैयार की जाएं।” यह जानकारी जिला भाषा अधिकारी मनजीत पुरी ने दी।
इस संबंध में आगे जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। पंजाबी मातृभाषा पंजाब राज्य की जान और आत्मा है और यह पंजाबियत की शान है।
इसलिए संबंधित आदेशों के तहत आने वाले सभी लोगों से अपील है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली जगहों का निरीक्षण करें और सभी दफ्तरों के साइनबोर्ड और सड़कों के किनारे लगे बोर्डों में पंजाबी भाषा की स्पेलिंग भी सही होनी चाहिए। अगर ऐसी कोई कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी उसे जल्द से जल्द ठीक करवाएं।
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