नई दिल्ली, 19 अप्रैल: भारत में युवाओं के बीच फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार अब 20–25 वर्ष की उम्र के युवा भी लिवर टेस्ट में असामान्य रिपोर्टों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं, जो एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का संकेत है।
विशेषज्ञों के अनुसार मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टेटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) अब युवाओं में भी तेजी से फैल रही है। यह बीमारी मोटापा, गलत खान-पान और सुस्त जीवनशैली के कारण हो रही है।
Dr S K Sarin (ILBS निदेशक) ने कहा कि भारतीय युवाओं में फैटी लिवर का बोझ लगातार बढ़ रहा है और यह एक चिंताजनक प्रवृत्ति है।
दिल्ली सर्वे के चौंकाने वाले आंकड़े
2024 के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि लगभग 56% लोगों में फैटी लिवर की समस्या पाई गई। इसमें कई ऐसे लोग भी शामिल थे जो दिखने में पतले थे, जिससे यह धारणा गलत साबित हुई कि यह बीमारी केवल मोटे लोगों को होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार MASLD में लिवर में वसा (फैट) जमा हो जाती है। यदि इसे नजरअंदाज किया जाए तो यह आगे चलकर सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।

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