नई दिल्ली, 21 जून: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने घोषणा की है कि 1 जुलाई 2025 से राजधानी दिल्ली में 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को ईंधन की आपूर्ति नहीं की जाएगी। यह नियम एंड ऑफ लाइफ (ईओएल) वाहनों पर लागू किया जाएगा।
ईंधन भरने पर प्रतिबंध कैसे लागू किया जाएगा?
सीएक्यूएम के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली के 500 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए गए हैं। इनकी मदद से अब तक 3.63 करोड़ वाहनों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से करीब 5 लाख वाहन नियमों का उल्लंघन करते पाए गए हैं। इसके साथ ही 29.52 लाख वाहन मालिकों ने अपने प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) का नवीनीकरण कराया है, जिसके चलते 168 करोड़ रुपये के चालान भी काटे गए हैं।
एनसीआर में यह नियम कब लागू होगा?
दिल्ली की तरह इसके आसपास के शहरों में भी यह नियम लागू होगा। गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और सोनीपत में यह नियम 1 नवंबर 2025 से और एनसीआर के अन्य हिस्सों में अप्रैल 2026 से लागू होगा।
कैमरों के अलावा इस तरह होगी निगरानी
दिल्ली परिवहन विभाग ने इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए 100 विशेष टीमें तैनात की हैं। यह टीम उन पेट्रोल पंपों की पहचान करेगी, जहां सबसे ज्यादा गैर-अनुपालन करने वाले वाहन ईंधन भरने आते हैं। नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए इस टीम द्वारा उपलब्ध कराए गए डेटा की निगरानी की जाएगी।

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