July 19, 2026

36–59 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को मिल रहा मुख्यमंत्री माँवां धियां सत्कार योजना का सबसे अधिक लाभ

सत्कार राशि

चंडीगढ़, 19 जुलाई 2026: भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री माँवां धियां सत्कार योजना’ राज्य की पात्र महिलाओं को ऐसे समय में आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, जब बढ़ते घरेलू ख़र्च, कॉलेज दाखिलों की लागत और महँगाई परिवारों के बजट पर लगातार दबाव बढ़ा रहे हैं।

25 जून 2026 तक रजिस्ट्रेशन पूरा करने वाली लगभग 33 लाख महिला लाभार्थियों के बैंक ख़ातों में सहायता राशि सीधे भेजी जा चुकी है, जबकि शेष पात्र महिलाओं को यह राशि 1 अगस्त को मिलेगी। अब तक लगभग 70 लाख महिलाओं ने इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करवाया है।

योजना के लाभार्थियों के प्रोफ़ाइल से पता चलता है कि यह सहायता उन महिलाओं तक पहुँच रही है, जो जीवन के ऐसे चरण में हैं जब आर्थिक ज़िम्मेदारियाँ सबसे अधिक होती हैं। कुल लाभार्थियों में से 36–45 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं की हिस्सेदारी 25.2 प्रतिशत और 46–59 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं की हिस्सेदारी 25.4 प्रतिशत है। इस प्रकार, 50 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी 36 से 59 वर्ष की आयु के हैं।

जीवन के इसी दौर में परिवारों पर सबसे अधिक आर्थिक ज़िम्मेदारियाँ होती हैं। परिवारों को बच्चों की शिक्षा, कॉलेज में दाखिला, विवाह, स्वास्थ्य सेवा, मकान, लोन की किश्तें, बुज़ुर्ग माता-पिता की देखभाल और अपने भविष्य की योजना जैसी अनेक ज़िम्मेदारियाँ निभानी पड़ती हैं। ऐसे समय में हर रुपये का महत्त्व बहुत बढ़ जाता है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री माँवां धियां सत्कार योजना के तहत मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता महिलाओं को परिवार के ख़र्चों में सीधे योगदान देने और आवश्यक ज़रूरतों का बोझ कम करने में मदद कर रही है।

कई परिवारों के लिए यह सहायता शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़मर्रा के घरेलू ख़र्चों का एक महत्त्वपूर्ण सहारा बन गई है।

फाज़िल्का ज़िले के गाँव धानी खरासवाली की 48 वर्षीय सुनीता रानी ने बताया कि इस मासिक सहायता से उन्हें अपने बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा, “मेरी बेटी बी.टेक की पढ़ाई कर रही है और बेटा ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ता है। मैंने इस राशि का अधिकांश हिस्सा बेटे की स्कूल फ़ीस भरने में लगाया और बाकी पैसे अपने पति को दे दिए।

गृहिणी होने के कारण मेरी अपनी कोई आय नहीं है, इसलिए इस सहायता से मुझे परिवार की ज़रूरतों में योगदान देने का संतोष मिला है। मेरे पति भी इस सहयोग से बहुत ख़ुश हैं। पहले हमें मुफ़्त बिजली मिली, फिर 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मिला और अब यह मासिक आर्थिक सहायता मिल रही है। सरकार ने विशेष रूप से महिलाओं के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएँ शुरू की हैं।”

उन्होंने कहा कि इस सहायता से आर्थिक तनाव कम हुआ है और बच्चों की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रखने में मदद मिली है।

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