April 9, 2026

सज्जन कुमार की अपील पर दिवाली के बाद सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

सज्जन कुमार की अपील पर दिवाली...

नई दिल्ली, 26 सितंबर : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार की दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ उनकी अपील पर दिवाली की छुट्टियों के बाद सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट की छुट्टियां 20 अक्टूबर से शुरू होंगी। छुट्टियों के बाद अदालत का कामकाज फिर से शुरू होगा।

जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने पक्षकारों के वकीलों से आरोपों, गवाहों के बयानों और ट्रायल कोर्ट व दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा लिए गए फैसलों के बारे में विस्तार से बताने को कहा। पीठ ने कहा कि जब फैसला पलट दिया गया था, तो हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को किस आधार पर पलट दिया?

उच्च न्यायालय ने 2010 में सज्जन को इस मामले में बरी करने के निचली अदालत के फैसले को रद्द कर दिया था। सीबीआई की ओर से अधिवक्ता आरएस चीमा और सज्जन की ओर से गोपाल शंकर नारायण पेश हुए। सज्जन की अपील के साथ सह-अभियुक्त बलवान खोखर और गिरधारी लाल की अपीलें भी सूचीबद्ध की गई हैं। ये मामले 1 और 2 नवंबर, 1984 को दिल्ली छावनी के राज नगर इलाके में पाँच निर्दोष सिखों की हत्या और एक गुरुद्वारे को जलाने से संबंधित हैं। 1984 के दंगे तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सुरक्षाकर्मियों द्वारा उनकी हत्या के बाद भड़के थे।

सज्जन को आपराधिक दोषी ठहराया था

दिसंबर 2018 में दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद सज्जन ने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। उच्च न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने सज्जन को आपराधिक साजिश, हत्या के लिए उकसाने, धर्म के नाम पर सांप्रदायिक नफरत फैलाने और एक गुरुद्वारा जलाने का दोषी ठहराया था। आरोप सिद्ध होने के बाद, सज्जन ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।

उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि 1984 के सिख विरोधी दंगे एक बड़े पैमाने पर नरसंहार थे। अकेले राष्ट्रीय राजधानी में ही 2700 से ज़्यादा सिख मारे गए थे। यह मानवता के विरुद्ध अपराध था, जिसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। उदासीन क़ानून-व्यवस्था ने इसे और बढ़ावा दिया।

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