वाशिंगटन, 29 मार्च : राष्ट्रपति ट्रम्प को उस समय बड़ा झटका लगा जब स्थानिय ने अमेरिका में रह रहे परवासियों की मांग को पूरा करते हुए ट्रम्प प्रशासन के खिलाफ फैसला सुना दिया। न्यायालय ने आव्रजन कार्यवाही में निर्वासन के लिए निर्दिष्ट देश के अलावा किसी अन्य देश में आप्रवासियों के निर्वासन पर प्रतिबंध लगा दिया है।
अदालत ने यह भी कहा कि निर्वासित किये जाने वाले व्यक्ति को लिखित नोटिस और दावा प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाना चाहिए। अब तक ट्रम्प प्रशासन दुनियां भर से अवैध अप्रवासियों को दक्षिण अमेरिकी देशों में बने हिरासत केंद्रों में भेजता था। अदालत का कहना है कि यदि प्रवासियों को बिना सूचना और परामर्श के भेजा गया तो उन्हें उत्पीडऩ और यातना का सामना करना पड़ सकता है।
प्रवासियों की अर्जी पर जज मर्फी ने दिया आदेश
बोस्टन में अमेरिकी जिला न्यायाधीश ब्रायन मर्फी ने राष्ट्रीय अस्थायी निरोधक आदेश जारी किया। इसका लक्ष्य अंतिम आदेश के तहत आप्रवासियों को आव्रजन कार्यवाही के दौरान पूर्व-चयनित देशों के अलावा अन्य देशों में तत्काल निर्वासित किये जाने से बचाना है। आप्रवासियों के एक समूह ने अदालत में याचिका दायर की थी। इसने अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन की नीति को चुनौती दी। नीति के अनुसार, हिरासत से रिहा किये जा चुके हजारों आप्रवासियों को शीघ्र ही निर्वासित किया जाना है।
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