March 5, 2026

ट्रंप की टैरिफ नीति को बड़ा झटका, कंपनियों को मिलेगा रिफंड

ट्रंप की टैरिफ नीति को बड़ा झटका...

न्यूयार्क, 5 मार्च : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनकी टैरिफ नीति (ट्रंप टैरिफ) के कारण बड़ा झटका लगा है। न्यूयॉर्क के एक संघीय जज ने फैसला सुनाया है कि जिन कंपनियों ने अवैध टैरिफ का भुगतान किया है, वे रिफंड पाने की हकदार हैं। यह हाल के अमेरिकी व्यापार इतिहास में सबसे बड़ी रिफंड प्रक्रियाओं में से एक को शुरू कर सकता है। इसका मतलब है कि ट्रंप प्रशासन को कंपनियों को वे टैरिफ वापस करने पड़ सकते हैं जिन्हें अदालत पहले ही असंवैधानिक घोषित कर चुकी है।

United States Court of International Trade के जज Richard Eaton ने बुधवार को अपने फैसले में कहा कि पिछले महीने Supreme Court of the United States के निर्णय के बाद रिकॉर्ड पर मौजूद सभी आयातक रिफंड पाने के हकदार हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 1977 के International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) के तहत ट्रंप द्वारा लगाए गए दोहरे अंकों वाले आयात कर को रद्द कर दिया था।

अदालत के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रिफंड केवल विशेष वादी कंपनियों तक सीमित नहीं होगा, बल्कि उन सभी कंपनियों पर लागू होगा जिन्होंने इमरजेंसी पावर्स एक्ट के तहत ड्यूटी का भुगतान किया है। जज ईटन ने यह भी कहा कि वह इस जटिल और उच्च दांव वाली प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए IEEPA ड्यूटी की वापसी से जुड़े मामलों की सुनवाई स्वयं करेंगे।

कितनी राशि लौटाई जाएगी

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सरकार ने दिसंबर के मध्य तक अब बंद किए जा चुके टैरिफ से 130 बिलियन डॉलर (लगभग ₹12 लाख करोड़) से अधिक की वसूली की है। अनुमान है कि कुल रिफंड 175 बिलियन डॉलर (करीब ₹16.12 लाख करोड़) तक पहुंच सकता है, जिसमें दिसंबर के बाद लगाए गए टैरिफ से संबंधित राशि भी शामिल हो सकती है।

संभावित भुगतान का यह पैमाना सुप्रीम कोर्ट के 20 फरवरी के फैसले के वित्तीय प्रभाव को दर्शाता है, जिसने टैरिफ व्यवस्था को अवैध करार दिया था, हालांकि उसने यह स्पष्ट नहीं किया था कि रिफंड की प्रक्रिया कैसे लागू की जाएगी।

तेज हुई कानूनी प्रक्रिया

जज ईटन यह फैसला टेनेसी के नैशविल में फिल्टर और अन्य फिल्ट्रेशन उत्पाद बनाने वाली कंपनी Atmos Filtration द्वारा दायर एक मामले में दे रहे थे। कंपनी ने तर्क दिया था कि उसे अपने द्वारा चुकाए गए टैरिफ की वापसी का अधिकार है।

इस सप्ताह की शुरुआत में कानूनी प्रक्रिया तब तेज हो गई जब United States Court of Appeals for the Federal Circuit ने ट्रंप प्रशासन की रिफंड प्रक्रिया को धीमा करने की कोशिश को खारिज कर दिया और मामले को आगे की कार्यवाही के लिए न्यूयॉर्क स्थित व्यापार अदालत को वापस भेज दिया।

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