चंडीगढ़, 6 मार्च : पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राज्य की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को लेकर सरकार से श्वेत पत्र (व्हाइट पेपर) जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य का कर्ज 4 लाख करोड़ रुपये की ‘लाल रेखा’ को पार कर चुका है और मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत तक इसके करीब 4.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की आशंका है।
कर्ज नीति पर सरकार को घेरा
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि आम आदमी पार्टी सरकार की बेलगाम कर्ज नीति ने पंजाब को दिवालियापन के कगार पर पहुंचा दिया है। वड़िंग ने कहा कि मौजूदा सरकार ने कुछ ही वर्षों में लगभग उतना कर्ज ले लिया है, जितना पिछले तीन दशकों में पिछली सरकारों ने लिया था। उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों ने करीब 30 वर्षों में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, जबकि वर्तमान सरकार ने सिर्फ चार वर्षों में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज बढ़ा दिया है। उनका आरोप है कि यह कर्ज ज्यादातर गैर-उत्पादक उद्देश्यों के लिए लिया गया है।
बड़े विकास प्रोजेक्ट शुरू नहीं हुए
कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य में कोई बड़ा बुनियादी ढांचा विकास परियोजना शुरू नहीं की गई। यह स्थिति सरकार के वित्तीय अनुशासन और राजस्व वृद्धि के दावों के बिल्कुल विपरीत है। वड़िंग ने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि सरकार को पुराने कर्ज पर ब्याज चुकाने के लिए भी नया कर्ज लेना पड़ रहा है।
प्रचार पर खर्च करने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर आर्थिक स्थिति के बावजूद सरकार प्रचार, होर्डिंग, बैनर और सरकारी संपत्तियों को दोबारा रंगने जैसे गैर-उत्पादक खर्चों पर पैसा खर्च कर रही है। वड़िंग ने कहा कि जनता का पैसा राजनीतिक ब्रांडिंग के लिए नहीं है। जब राज्य कर्ज में डूबा हो, तो हर रुपये का उपयोग पंजाब की अर्थव्यवस्था और संस्थाओं को मजबूत करने में किया जाना चाहिए, न कि किसी एक पार्टी की छवि चमकाने में।
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