काबुल, 7 मार्च : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी भीषण संघर्ष में फिलहाल किसी तरह की सुलह के संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। शुक्रवार को दोनों देशों की सेनाओं ने सीमा के कई इलाकों में गोलीबारी की। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार एक सप्ताह से चल रहे इस संघर्ष के कारण एक लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं। इस संघर्ष ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है। अफगानिस्तान जहां पाकिस्तान की सीमा चौकियों और एयरबेस को निशाना बना रहा है, वहीं पाकिस्तान तालिबान सरकार के ठिकानों पर हवाई हमले कर रहा है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के उत्तर में स्थित बगराम एयरबेस को भी निशाना बनाया है।
अफगानिस्तान का दावा: 24 पाकिस्तानी ठिकानों पर हमला
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उनके बलों ने 2600 किलोमीटर लंबी सीमा पर स्थित 24 से अधिक पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इनमें 14 चौकियों को नष्ट कर दिया गया और एक ड्रोन को मार गिराया गया। रातभर चली झड़पों में सात अफगान नागरिक और तीन तालिबान लड़ाके मारे गए।
पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई
पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार सेना ने कई ठिकानों पर जमीनी और हवाई अभियान चलाया, जिसमें कंधार भी शामिल है। कंधार तालिबान का प्रमुख गढ़ माना जाता है और यहां उसके कई वरिष्ठ नेता रहते हैं। पाकिस्तान ने कई अफगान सीमा चौकियों को नष्ट करने का दावा किया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शुक्रवार को काबुल में दर्जनों लोग पाकिस्तान द्वारा अफगान क्षेत्र पर किए गए हमलों के विरोध में सड़कों पर उतरे और पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए। बख्तर समाचार एजेंसी के अनुसार लघमान प्रांत में भी बड़ी संख्या में लोगों ने पाकिस्तान के हालिया हमलों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
अफगानिस्तान की ओर से मोर्टार हमले
उधर अफगान बलों द्वारा उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में सीमा के पास नागरिक इलाकों पर मोर्टार दागे गए, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण वजीरिस्तान जिले के अंगूर अड्डा कस्बे में एक स्थानीय नागरिक की उस समय मौत हो गई जब अफगानिस्तान से दागा गया मोर्टार उसके घर पर गिरा।
एक अन्य घटना में मोहम्मंद जिले में इफ्तार से कुछ समय पहले दो घरों पर मोर्टार गिरने से दो महिलाओं और दो बच्चों समेत सात लोग घायल हो गए। इस हमले में कई घरों को भी नुकसान पहुंचा।
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