March 12, 2026

पंजाब विधानसभा ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट किया पारित

पंजाब विधानसभा ने वित्त वर्ष 2026-27...

चंडीगढ़, 12 मार्च 2026 : पंजाब विधानसभा ने वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema द्वारा प्रस्तुत वित्त वर्ष 2026-27 का बजट तीन दिन चली व्यापक चर्चा के बाद पारित कर दिया। सदन में बहस का समापन करते हुए वित्त मंत्री ने पिछले चार वर्षों में सरकार द्वारा किए गए कार्यों और आर्थिक सुधारों का विस्तृत विवरण पेश किया।

वित्त मंत्री ने कहा कि Arvind Kejriwal के भ्रष्टाचार-विरोधी सिद्धांतों और मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann के नेतृत्व में राज्य सरकार की शून्य सहनशीलता नीति के कारण पंजाब के राजस्व में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।

ईमानदार शासन से राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

उन्होंने बताया कि आबकारी राजस्व लगभग 20,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 53,000 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि जीएसटी संग्रह 61,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,21,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके अलावा स्टांप और रजिस्ट्रेशन से होने वाला राजस्व 12,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 30,000 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि कड़ी निगरानी और पारदर्शी शासन का परिणाम है।

युवाओं को 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां

रोजगार के मुद्दे पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने 2022 में कैबिनेट की पहली बैठक में 30,000 सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था। अब तक 63,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस भर्ती अभियान से युवाओं में विश्वास बढ़ा है और विदेश पलायन की प्रवृत्ति को कम करने में मदद मिली है।

राज्य के कर्ज को लेकर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि वर्तमान बजट का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा पिछली सरकारों से मिले कर्ज की अदायगी में खर्च हो रहा है। इसके बावजूद सरकार कर्ज-से-जीडीपी अनुपात को 48 प्रतिशत से घटाकर 45 प्रतिशत करने में सफल रही है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने पिछली सरकारों से विरासत में मिली 21,860 करोड़ रुपये की देनदारियों का भुगतान भी किया है और वित्तीय जिम्मेदारी एवं बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम की सीमाओं का सख्ती से पालन किया है।

महिलाओं के लिए 1000 रुपये की सहायता योजना लागू

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के लिए 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता योजना को लागू कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के साथ ही सरकार ने जनता से किए गए पांच प्रमुख चुनावी वादों को पूरा कर दिया है।

किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से गन्ना किसानों का कोई बकाया लंबित नहीं है। केवल 27 करोड़ रुपये का भुगतान फगवाड़ा की एक निजी मिल पर बकाया है। किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार ने उस मिल की संपत्तियों को पहले ही जब्त कर लिया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए राज्य के विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण योजनाओं को आगे बढ़ाना है।