March 24, 2026

दिल्ली के 1.03 लाख करोड़ के पेपरलेस बजट में विकास और पर्यावरण पर फोकस

नई दिल्ली, 24 मार्च : दिल्ली सरकार द्वारा आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जा रहा है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया है, जिसमें विकास, पर्यावरण और शहरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह बजट पेपरलेस (कागज रहित) होगा। इस बार सरकार ने बजट में विद्यार्थियों, शिक्षा और व्यापारियों को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं।

ग्रीन बजट पर 21% खर्च

इस बजट का 21 प्रतिशत हिस्सा ग्रीन बजट के लिए समर्पित किया जाएगा, जो पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि “ट्रिपल इंजन” सरकार के साथ राष्ट्रीय राजधानी तेजी से विकास कर रही है। गुप्ता ने यह भी कहा कि मुफ्त योजनाओं की संस्कृति ने विकास को प्रभावित किया, जिसके कारण 2018 और 2020 के बीच राजस्व में गिरावट आई।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास को बढ़ावा

बजट में टैक्स राजस्व ₹74,000 करोड़ रहने का अनुमान है, जबकि दिल्ली नगर निगम (MCD) के लिए ₹11,666 करोड़ का प्रावधान किया गया है। गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय देश में तीसरे स्थान पर है।

बजट में लोक निर्माण विभाग (PWD) को बुनियादी ढांचे के लिए ₹5,921 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जबकि शहरी विकास और आवास परियोजनाओं के लिए ₹7,887 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य सुरक्षित सड़कें, जलवायु गलियारे और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है।” बिजली विभाग के लिए ₹3,942 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ओवरहेड बिजली लाइनों को हटाने के लिए ₹200 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

ट्रांस-यमुना और ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने ट्रांस-यमुना क्षेत्र के विकास के लिए ₹300 करोड़ और दिल्ली ग्रामीण विकास बोर्ड के लिए ₹787 करोड़ की घोषणा की। शहर में धूल-मुक्त सड़कों के विकास के लिए ₹1,352 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिसके तहत 750 किलोमीटर सड़कों को पूरी तरह से दोबारा तैयार (रीकारपेट) किया जाएगा।

(अर्थात पूरी सड़क की सतह को हटाकर उस पर नई और मजबूत डामर की परत बिछाई जाएगी)। बजट में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए ₹160 करोड़ का भी प्रावधान किया गया है। यह गैर-अनुरूप (नॉन-कन्फॉर्मिंग) क्षेत्रों के लिए पहली बार ऐसा आवंटन है।

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