बीजिंग/शंघाई, 1 अप्रैल : भारतीय चैंबर्स ऑफ कॉमर्स का एक प्रतिनिधिमंडल इस समय चीन के दौरे पर है, जहां वह अपने चीनी समकक्षों के साथ व्यापारिक बातचीत कर रहा है। दोनों देशों के संबंधों में करीब पांच साल के ठहराव के बाद यह इस तरह का पहला दौरा माना जा रहा है। PHD Chamber of Commerce and Industry (पीएचडीसीसीआई) का यह प्रतिनिधिमंडल 29 मार्च से 4 अप्रैल तक शंघाई और जियांगसू प्रांत का दौरा कर रहा है, जो चीन के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल हैं।
लद्दाख तनाव के बाद पहला दौरा
साल 2020 में पूर्वी लद्दाख में हुए सैन्य तनाव के बाद यह पहला भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल है जो चीन गया है। हाल ही में दोनों देशों के रिश्तों में सुधार के संकेत मिले हैं। नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच 2024 और 2025 में BRICS और Shanghai Cooperation Organisation सम्मेलनों के दौरान हुई मुलाकातों के बाद द्विपक्षीय संबंध सामान्य होने की दिशा में आगे बढ़े हैं।
शंघाई में बिजनेस राउंडटेबल का आयोजन
शंघाई में भारत के कौंसुल जनरल प्रतीक माथुर ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल और पूर्वी चीन की प्रमुख कंपनियों व वित्तीय संस्थानों के बीच एक व्यापारिक गोलमेज बैठक आयोजित की। प्रतीक माथुर ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभर रहा है। युवा आबादी के कारण यहां निवेश और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के व्यापक अवसर मौजूद हैं।
इन क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं
उन्होंने विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचा और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारतीय कारोबारियों और पूर्वी चीन के औद्योगिक साझेदारों के बीच मजबूत व्यापारिक संबंध स्थापित करना है।
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