वाशिंगटन, 1 अप्रैल : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में एक बयान में कहा है कि वह नाटो से बाहर निकलने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। उन्होंने नाटो को एक “कागजी शेर” करार दिया है। ट्रम्प ने कहा कि वह पहले से ही नाटो से ज्यादा प्रभावित नहीं थे और उन्हें लगता है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी इसी राय के हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका हमेशा अपने सहयोगियों के लिए खड़ा रहा है, लेकिन इस बार कोई भी अमेरिका के साथ नहीं आया, जैसा कि यूक्रेन के मामले में देखा गया।
नाटो ने संकट में नहीं दिया साथ
यह बयान तब आया है जब नाटो देशों ने ईरान संकट में अमेरिका का साथ देने से इनकार कर दिया था और अमेरिका चाहता था कि नाटो देश होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने युद्धपोत भेजें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
आस्ट्रेलिया ने पूछा सवाल, ब्रिटिश पीएम भी बोले ये हमारी लड़ाई नहीं
इससे पहले आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने भी अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा था कि ईरान के साथ जंग शुरु करने का मकसद क्या है? उन्होंने यह जंग हमसे पूछ कर शुरु नहीं की।ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने बुधवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में ब्रिटेन शामिल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह उनकी लड़ाई नहीं है और वे इसमें शामिल नहीं होंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी घोषित किया कि ब्रिटेन एक वैश्विक शिखर सम्मेलन का आयोजन करेगा, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के तरीकों पर चर्चा होगी।
स्टार्मर ने आगाह किया कि यह युद्ध अब दूसरे महीने में पहुंच चुका है और इसका असर ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, लेकिन उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और आवश्यक कदम उठा रही है।
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