April 2, 2026

Global Soft Power Index रिपोर्ट में भारत टॉप 10 से बाहर

Global Soft Power Index रिपोर्ट...

लंदन, 2 अप्रैल : ‘ब्रांड फाइनेंस ग्लोबल सॉफ्ट पावर इंडेक्स 2026’ लंदन ने सॉफ्ट पॉवर के आधार पर देशों को रैंक किया है। भारत और एशिया की अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाएं मध्य-स्तरीय रैंकिंग में आती हैं। हालांकि वे शीर्ष 10 में शामिल नहीं हैं फिर भी वे बढ़ते क्षेत्रीय प्रभाव और बढ़ती वैश्विक पहचान का प्रदर्शन करती हैं। इस लिस्ट से पता चलता है कि जहां पश्चिमी देशों की मजबूत स्थिति बनी हुई है वहीं एशियाई देशों ने भी अपनी स्थिति में विस्तार किया है। ऐशियाई देश अब तेजी से वैश्विक प्रभाव का विस्तार कर रहे हैं।

क्या है सॉफ्ट पावर?

आज के दौर में वैश्विक ताकत सिर्फ सैन्य शक्ति या देश के आकार से तय नहीं होती। अब संस्कृति, कूटनीति, तकनीकी नवाचार और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा जैसे कारक किसी देश की ताकत को परिभाषित करते हैं, जिन्हें ‘सॉफ्ट पावर’ कहा जाता है। सॉफ्ट पावर वह क्षमता है, जिसके जरिए कोई देश बिना बल प्रयोग के दुनिया की सोच और धारणाओं को प्रभावित करता है। इसमें सांस्कृतिक प्रभाव, कूटनीतिक रिश्ते, आर्थिक सहयोग और नवाचार में नेतृत्व अहम भूमिका निभाते हैं।

ब्रांड फाइनेंस की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

‘ब्रांड फाइनेंस ग्लोबल सॉफ्ट पावर इंडेक्स 2026’ में संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों का मूल्यांकन किया गया है। इस रिपोर्ट में देशों की पहचान, प्रतिष्ठा और वैश्विक प्रभाव को विभिन्न मानकों पर परखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी देशों का दबदबा अब भी मजबूत बना हुआ है। हालांकि, एशियाई देशों ने भी तेजी से अपनी स्थिति मजबूत की है और वैश्विक मंच पर प्रभाव बढ़ाया है।

एशियाई देशों की बढ़ती ताकत

चीन, जापान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने अपनी कूटनीति, तकनीक और आर्थिक नीतियों के जरिए दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। ब्रांड फाइनेंस ग्लोबल सॉफ्ट पावर इंडेक्स 2026 के अनुसार शीर्ष 10 देश इस प्रकार हैं: अमेरिका, चीन, जापान, यूनाइटेड किंगडम (यूके), जर्मनी, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, कनाडा, इटली, संयुक्त अरब अमीरात ।

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