दुबई, 5 अप्रैल : पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। संयुक्त अरब अमीरात के एक अहम पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर हमले के बाद तनाव और बढ़ गया है, जिससे ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। अबू धाबी के अधिकारियों के मुताबिक, रविवार को रुवैस स्थित ‘बोरूज’ पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमले के बाद आग लग गई। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, दुश्मन के मिसाइल या ड्रोन को मार गिराने के बाद उसका मलबा गिरने से यह आग भड़की।
ईरान की कड़ी चेतावनी
सुरक्षा कारणों से प्लांट में उत्पादन तुरंत रोक दिया गया। यह संयंत्र अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी और ऑस्ट्रेलिया की कंपनी Borealis का संयुक्त उपक्रम है, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम माना जाता है। ईरान ने साफ कहा है कि अगर उसके बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ, तो “नर्क के दरवाजे” खुल जाएंगे। ईरान के संयुक्त सैन्य कमान के जनरल अली अब्दुल्लाही अलीआबादी ने चेतावनी दी कि अब ईरान चुप नहीं बैठेगा।
ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ खोलने की चेतावनी देते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही थी। ईरानी जनरल ने कहा कि अगर आक्रामकता बढ़ी, तो ईरान क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल के बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है। तेजी से बढ़ते इस टकराव का असर केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे वैश्विक सुरक्षा और तेल आपूर्ति पर भी गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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