चंडीगढ़, 10 अप्रैल : पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है, जब कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। बैंस ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब पर सवाल उठाना सिख पंथ पर सीधा हमला है और इसके लिए बादल को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
“अकाल तख्त की सत्ता पर सवाल अस्वीकार्य”
बैंस ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख पंथ का सर्वोच्च आध्यात्मिक और सांसारिक केंद्र है, जहां से जारी हर हुक्मनामा “अकाल पुरख का आदेश” माना जाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठाना न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, बल्कि पंथ की एकता को भी कमजोर करता है।
जत्थेदार से हस्तक्षेप की मांग
मंत्री बैंस ने कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज से अपील की कि वे इस मामले का सख्त संज्ञान लें और उचित कार्रवाई करें। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति अकाल तख्त के हुक्मनामों को चुनौती देगा, उसे गुरु साहिब के प्रति जवाब देना होगा।
बैंस ने कहा कि जो लोग अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती देते हैं, वे सिख पंथ का प्रतिनिधित्व करने का दावा नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने भी इस मुद्दे पर आपत्ति जताई है और पंथ को एकजुट रहने का आह्वान किया है।
हेरिटेज स्ट्रीट प्रोजेक्ट पर भी उठे सवाल
इस दौरान बैंस ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि श्री आनंदपुर साहिब हेरिटेज स्ट्रीट प्रोजेक्ट को इसलिए रोका गया क्योंकि इसका श्रेय भगवंत सिंह मान सरकार को मिल सकता था। बैंस के अनुसार, इस परियोजना का लगभग 90% हिस्सा राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण प्रभावित हुआ।
बैंस के इस बयान के बाद पंजाब में राजनीतिक और धार्मिक बहस तेज़ हो गई है। एक तरफ अकाल तख्त की सर्वोच्चता को लेकर संवेदनशील मुद्दा है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में और गहर सकता है, क्योंकि इसमें धार्मिक आस्था और राजनीति दोनों जुड़े हुए हैं।

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