नई दिल्ली, 19 अप्रैल: हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर ईरान ने अपना सख्त रुख दोहराते हुए कहा है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों पर नाकाबंदी जारी रखेगा, तब तक वह इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को रोकता रहेगा। इस बीच, युद्धविराम खत्म होने से पहले नए वार्ता प्रयास जारी हैं, लेकिन हालात अभी भी जटिल बने हुए हैं।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि अगर ईरान खुद इस जलमार्ग से नहीं गुजर सकता, तो अन्य देशों को भी इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेहरान इस मार्ग से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को रोकने के अपने फैसले पर कायम रहेगा। यह बयान उस घटना के बाद आया है, जब हाल ही में ईरानी नौसेना ने इस मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों पर गोलीबारी की थी।
अमेरिका से टकराव के संकेत
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी दबाव तब तक जारी रहेगा, जब तक तेहरान किसी समझौते पर नहीं पहुंचता। इसके जवाब में ईरान ने भी अपने रुख को और सख्त कर लिया है। ईरानी संसद के उपाध्यक्ष हामिद रेजा हाजीबाबाई ने कहा कि देश मौजूदा हालात में हर परिस्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
हाजीबाबाई के मुताबिक, एक विशेष लड़ाकू इकाई का गठन किया गया है, जिसमें सभी सदस्य शामिल हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान अमेरिका के साथ सीधी टक्कर के लिए भी तैयार है। यह बयान दर्शाता है कि ईरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है।
वैश्विक असर की आशंका
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। यहां बढ़ता तनाव वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर गहरा असर डाल सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।

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