चंडीगढ़, 24 अप्रैल : पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरमीत सिंह पठानमाजरा की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अदालत ने राज्य सरकार से पूछा है कि याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर उसका क्या पक्ष है। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
याचिका में पठानमाजरा ने मांग की है कि अगर भविष्य में किसी नए मामले में उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाती है, तो उससे पहले कम से कम 7 दिन का नोटिस दिया जाए, ताकि उन्हें कानूनी राहत लेने का अवसर मिल सके।
नए मामलों में फंसाए जाने का जताया अंदेशा
याचिकाकर्ता ने आशंका जताई है कि उन्हें लगातार नए मामलों में फंसाया जा सकता है। उनके वकील दीपिंदर सिंह विरक ने अदालत को बताया कि विधायक के खिलाफ इस समय दो एफआईआर दर्ज हैं एक दुष्कर्म और दूसरी माइनिंग से संबंधित और वह फिलहाल हिरासत में हैं। वकील ने दलील दी कि यदि भविष्य में उन्हें इन मामलों में जमानत मिलती है, तो पुलिस किसी अन्य मामले में नई एफआईआर दर्ज कर उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर सकती है।
राजनीतिक साजिश का आरोप
पठानमाजरा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ दर्ज मामलों के पीछे राजनीतिक कारण हैं और उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे अपने मौलिक अधिकारों विशेष रूप से जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने याचिका में उठाए गए बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया और मामले में आगे जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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