श्रीनगर, 25 अप्रैल : अमरनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यात्रा मार्ग का सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिया है। इसी मूल्यांकन के आधार पर पूरी यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था तैयार की जाएगी। यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर अगस्त में रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगी। हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालु पारंपरिक बालटाल और पहलगाम मार्गों से पवित्र गुफा तक पहुंचेंगे।
सुरक्षा ऑडिट के आधार पर तय होगा पूरा प्लान
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा ऑडिट के जरिए यह तय किया जाएगा कि सुरक्षा बलों की तैनाती कहाँ और कितनी होगी, जांच चौकियां किन-किन स्थानों पर लगेंगी, श्रद्धालुओं की आवाजाही का समय क्या होगा, यात्री कैंपों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले से पहलगाम मार्ग और मध्य कश्मीर के गांदरबल से बालटाल मार्ग तक सुरक्षा आकलन संबंधित जिला पुलिस प्रमुखों की निगरानी में किया जा रहा है।
तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरा होगा लागू
यात्रा मार्ग और कैंपों की सुरक्षा के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके तहत पुलिस, सेना और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के करीब 42 हजार जवानों की तैनाती का प्रस्ताव है। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए लगातार निगरानी रखी जाएगी। ऑडिट के आधार पर श्रद्धालुओं के ठहराव, ट्रैफिक प्रबंधन, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल का पूरा रोडमैप तैयार किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, इस सुरक्षा योजना को आने वाले दिनों में अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
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