नई दिल्ली, 15 मार्च : एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक जल्द ही भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी में है, जिससे संबंधित गतिविधियों में तेजी आई है। हालांकि, इस प्रक्रिया के आरंभ होने से पहले कंपनी को कई कठोर नियमों का पालन करना होगा। भारतीय सरकार ने स्टारलिंक को निर्देश दिया है कि वह देश में एक नियंत्रण केंद्र स्थापित करे। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि संवेदनशील क्षेत्रों में संचार सेवाओं को नियंत्रित किया जा सके और कानून व्यवस्था को बनाए रखा जा सके।
देश की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने सुरक्षा से संबंधित आवश्यकताओं को भी स्पष्ट किया है। इनमें यह शामिल है कि यदि आवश्यक हो, तो कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आधिकारिक माध्यमों से संचार को रोकने की अनुमति दी जाएगी। यह निर्देश तब जारी किए गए हैं जब स्टारलिंक के सैटेलाइट संचार लाइसेंस के आवेदन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
एयरटेल व रिलायंस जियो से हो चुका है करार
कंपनी इस समय मार्केटिंग, तैनाती और नेटवर्क विस्तार के लिए रिलायंस जियो और एयरटेल के साथ समझौतों पर काम कर रही है। भारत में नियंत्रण केंद्र की स्थापना से न केवल कंपनी की सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि किसी भी आपात स्थिति में संचार सेवाओं का प्रभावी प्रबंधन किया जा सके।
दूर संचार के क्या हैं नियम
भारत के दूरसंचार कानून केंद्र या राज्य सरकार को यह अधिकार प्रदान करते हैं कि वे सार्वजनिक आपातकाल, आपदा प्रबंधन या सार्वजनिक सुरक्षा से संबंधित चिंताओं के समय किसी भी दूरसंचार सेवा या नेटवर्क का अस्थायी नियंत्रण ले सकें। इन कानूनों में आवश्यकतानुसार इंटरनेट सेवा को निलंबित करने के प्रावधान भी शामिल हैं।

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