चंडीगढ़, 25 अप्रैल: आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के महासचिव दीपक बाली ने पार्टी द्वारा नियुक्त राज्यसभा सदस्यों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया और नैतिक आधार पर ऐसे सदस्यों से इस्तीफे की मांग की।
दीपक बाली ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि “जंग में मरने वाले को शहीद, जीतने वाले को योद्धा और भागने वाले को गद्दार कहते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के दबाव में पार्टी छोड़ने वाले नेता पंजाब के लोगों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं।
केजरीवाल और मान के नेतृत्व का हवाला
बाली ने कहा कि पंजाब से राज्यसभा भेजे गए सदस्य सीधे चुनाव से नहीं, बल्कि अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब के हितों की आवाज उठाने के लिए नियुक्त किए गए थे। उनका उद्देश्य किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और आम जनता के मुद्दों को संसद में उठाना था।
उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित सदस्यों ने पार्टी के खिलाफ ही राजनीति शुरू कर दी। बाली ने कहा कि यदि उनमें नैतिकता है तो उन्हें तुरंत राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर पंजाब की जनता के बीच जाकर अपनी काबिलियत साबित करनी चाहिए।
भाजपा पर लोकतंत्र विरोधी राजनीति का आरोप
दीपक बाली ने भाजपा पर लोकतंत्र विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी दबाव की राजनीति कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे नेताओं को पंजाब की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। अंत में बाली ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पूरी तरह मजबूत है और अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में पार्टी एकजुट होकर काम कर रही है।

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