पटना, 28 अक्तूबर : बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, महागठबंधन ने शुक्रवार को अपना संयुक्त घोषणापत्र जारी कर दिया। इसे “बिहार का तेजस्वी प्रण” नाम दिया गया है। इस घोषणापत्र में युवाओं के लिए रोज़गार, महिलाओं के सम्मान और आम आदमी को राहत समेत कई वादे शामिल हैं। महागठबंधन का दावा है कि यह घोषणापत्र सिर्फ़ चुनावी वादों का पुलिंदा नहीं, बल्कि बिहार के पुनर्निर्माण का खाका है।
बिहार 20 साल में पीछे चला गया : तेजस्वी यादव
घोषणापत्र जारी करते समय मंच पर राजद नेता तेजस्वी यादव, कांग्रेस के पवन खेड़ा, वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी, वाम दलों के प्रतिनिधि और अन्य सहयोगी दलों के नेता मौजूद थे। तेजस्वी यादव ने कहा कि यह सिर्फ हमारा घोषणापत्र नहीं है, यह बिहार की जनता का वादा है। हम इस राज्य को बेरोजगारी, पलायन और भ्रष्टाचार से मुक्त करेंगे। पवन खेड़ा ने कहा कि घोषणापत्र से साफ है कि बिहार को लेकर कौन गंभीर है।
कौन दिन-रात सोच रहा है। सरकार बनने के पहले दिन से ही क्या करना है। बिहार 20 साल में पीछे चला गया है। उन्होंने कहा कि घोषणापत्र समिति भी बधाई की पात्र है। उन्होंने कहा कि यह घोषणापत्र एक पवित्र दिन पर जारी किया गया है।
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