चंडीगढ़, 5 जून 2026: हरियाणा सरकार ने निवेशकों, उद्योगपतियों और आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) की प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है।
अब CLU अनुमति के लिए 19 दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं रहेगी। आवेदनकर्ता केवल 3 दस्तावेजों के आधार पर आवेदन कर सकेंगे। इससे मंजूरी प्रक्रिया तेज होगी, लालफीताशाही कम होगी और निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव केके पाठक सहित संबंधित अधिकारियों को रेगुलेटरी रिफॉर्म को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में अब CLU की अनुमति की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में औद्योगिक व व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
सरकार सिंगल विंडो सिस्टम को और मजबूत बनाने के साथ MSME सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिए भूमि उपयोग नियमों में लचीलापन ला रही है। औद्योगिक क्षेत्रों में ऑटो-CLU व्यवस्था लागू करने का भी फैसला लिया गया है।
इसके अलावा कम जोखिम वाली इमारतों के लिए ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट अब स्व-प्रमाणीकरण के आधार पर जारी किए जाएंगे। केवल उच्च जोखिम वाली इमारतों में थर्ड पार्टी सत्यापन की व्यवस्था बरकरार रहेगी।
यह भी देखें: हरियाणा सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 24 अधिकारियों के किए गए तबादले

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