तल अवीव/वॉशिंगटन, 28 फरवरी : डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत से संतुष्ट नहीं हैं, हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि वह युद्ध जैसे हालात से बचने के लिए तेहरान को कुछ और समय देने के पक्ष में हैं। टेक्सास में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अमेरिका सख्त रुख अपना सकता है, लेकिन प्राथमिकता अब भी कूटनीतिक समाधान ही है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका इस समय एक बड़े और कठिन फैसले के मोड़ पर खड़ा है।
“ईरान खतरनाक और जिद्दी देश”
ट्रंप ने ईरान के पिछले 47 वर्षों के इतिहास का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उसने हमेशा हिंसा और टकराव का रास्ता चुना है, जिससे कई निर्दोष लोगों की जान गई। उन्होंने ईरान को “खतरनाक और जिद्दी देश” बताते हुए कहा कि उसकी परमाणु महत्वाकांक्षाएं वैश्विक शांति के लिए खतरा हैं।
सैन्य कार्रवाई पर स्पष्टता नहीं
हालांकि ट्रंप ने संभावित हमले को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने हाल ही में अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए ईरान के कई परमाणु केंद्रों को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन इसके बावजूद वह मुद्दों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से ही चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं, क्योंकि दोनों पक्ष खुले टकराव से बचना चाहते हैं।
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