चंडीगढ़, 07 अगस्त 2026: भारत ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक पर अमेरिकी सांसद की टिप्पणी का स्पष्ट और दो टूक जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के विधायी मामलों पर फैसला देश की संसद करती है और यह पूरी तरह भारत का आंतरिक विषय है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि विदेशी फंड के प्रवाह को नियंत्रित करने के नियम केवल भारत में ही नहीं बल्कि अमेरिका समेत कई देशों में लागू हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने एफसीआरए संशोधन विधेयक पर अमेरिकी सांसद की टिप्पणी देखी है। भारत से जुड़े विधायी मामलों पर निर्णय संसद लेती है और इस तरह के विषय देश के आंतरिक मामलों का हिस्सा हैं। कई देश जिनमें अमेरिका भी शामिल है विदेशी धन के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए अपने-अपने कानून लागू करते हैं।
यह भी देखें: भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना से मोहाली के नाई की मुफ़्त घुटने की सर्जरी

More Stories
उत्तराखंड में मूसलधार बारिश, बदरीनाथ-गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे बंद
NEET पेपर लीक: CBI चार्जशीट में बड़ा दावा, NTA एक्सपर्ट्स ने सवाल याद कर लीक किए
JPSC-JSSC विवाद: सीएम हेमंत सोरेन ने कहा- सरकार छात्रों से बातचीत को तैयार