चंडीगढ़, 1 दिसम्बर : एस.ए.एस. नगर (मोहाली) स्थित महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज़ प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट के छह कैडेटों ने नेशनल डिफेंस अकादमी (एन.डी.ए.), खड़कवासला (पुणे) से स्नातक की पढ़ाई सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। चीफ़ ऑफ़ नेवल स्टाफ़ एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, पीवीएसएम, एवीएसएम, एनएम ने पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया, जो भारतीय सशस्त्र बलों में अपने करियर की शुरुआत करने वाले इन युवा अधिकारियों के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण था।
तीन वर्षों की कठोर प्रशिक्षण अवधि के बाद कैडेट गुरकरन सिंह (मोहाली), हरमनवीर सिंह (श्री मुक्तसर साहिब), अर्जुन सिंह तूर (लुधियाना), रिदम महाजन (पठानकोट), अक्षांश अग्रवाल (श्री फतेगढ़ साहिब) और गुरजोत सिंह (संगरूर) अब विभिन्न सर्विस ट्रेनिंग अकादमियों में जाएंगे, जहाँ एक वर्ष के भीतर उनके कमीशंड अधिकारी बनने का मार्ग प्रशस्त होगा। उल्लेखनीय है कि इन कैडेटों ने कोविड-19 महामारी के दौरान महाराजा रणजीत सिंह प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण प्राप्त किया था।
पंजाब के रोज़गार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कैडेटों को बधाई देते हुए उन्हें और अधिक मेहनत के लिए प्रेरित किया और कहा कि ये युवा पंजाब का मान बढ़ा रहे हैं। उन्होंने संस्थान के उत्कृष्ट परिणामों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह संस्था इन युवा अधिकारियों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
संस्थान के निदेशक मेजर जनरल अजय एच. चौहान, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने कैडेटों को बधाई देते हुए बताया कि 15 कैडेट दिसंबर 2025 में आरंभ होने वाले कोर्सों के लिए एन.डी.ए. तथा अन्य प्रशिक्षण अकादमियों में शामिल होने हेतु कॉल-अप लेटर की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि 47 कैडेट शीघ्र ही अपना सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) इंटरव्यू देंगे। उन्होंने कहा कि कैडेटों की उपलब्धियाँ संस्था और पंजाब का गौरव बढ़ाती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान में नए कोर्स में प्रवेश के लिए 15 दिसंबर 2025 तक आवेदन किया जा सकता है।

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