चंडीगढ़, 30 जुलाई 2026: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश प्रशासन को निर्देश दिया है कि शुक्रवार की नमाज के लिए भोजशाला परिसर के बगल में एक स्थान उपलब्ध कराया जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम समुदाय को खसरा नंबर 596 वाली भूमि पर, जिसे दरगाह की भूमि बताया गया है, शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज अदा करने की अनुमति दी जाए। यह स्थान विवादित परिसर से सटा हुआ और उपयुक्त है।
हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि यह आदेश दोनों पक्षों को आपसी सहमति से किसी अन्य वैकल्पिक स्थान का चयन करने से नहीं रोकेगा।
सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज ने कहा कि सरकार दो पक्षों के बीच अधिकारों की लड़ाई में नहीं पड़ना चाहती और उसका ध्यान केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार पर कड़ा रुख अपनाया। जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि नागरिकों के धार्मिक अधिकारों की रक्षा करना भी राज्य का संवैधानिक दायित्व है।
ये भी देखें: सुप्रीम कोर्ट बोला – शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार संवैधानिक है, पुलिस की ज्यादती सही नहीं

More Stories
सुप्रीम कोर्ट ने पैलेट गन पर SOP को लेकर केंद्र से मांगा जवाब, पूरी रोक से दिया इनकार
मेटा ने सरकार को दिया प्रधानमंत्री के अकाउंट की सुरक्षा का ब्योरा, केंद्र सरकार को लिखी चिट्ठी
पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट पर दिल्ली पुलिस का एक्शन, X को भेजा नोटिस