वाशिंगटन, 30 अप्रैल : अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कर दिया है कि अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों और Hormuz Strait की नाकेबंदी जारी रखेगी। उन्होंने ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें जलडमरूमध्य खोलने और युद्ध समाप्त करने की बात कही गई थी। ट्रंप ने एक साक्षात्कार में कहा कि नाकेबंदी, बमबारी की तुलना में ज्यादा प्रभावी साबित हो रही है। उनका मानना है कि इस कदम से ईरान पर लगातार दबाव बढ़ रहा है और उसकी स्थिति कमजोर हो रही है।
ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि फिलहाल वॉशिंगटन की ओर से किसी भी तरह की बातचीत की संभावना नहीं है। अमेरिका का कहना है कि पहले ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करना होगा।
परमाणु हथियारों को लेकर सख्त रुख
अमेरिका का स्पष्ट रुख है कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसी कारण नाकेबंदी को जारी रखना जरूरी बताया जा रहा है। ईरान ने हाल ही में अमेरिका को प्रस्ताव दिया था कि यदि Hormuz Strait से नाकेबंदी हटाई जाती है और युद्ध समाप्त किया जाता है, तो वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि, अमेरिका इस प्रस्ताव को मानने को तैयार नहीं है।
तेल निर्यात पर असर डालने की रणनीति
ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ईरान के तेल निर्यात पर नाकेबंदी लगाने से उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर होगी और वह अमेरिकी शर्तों पर समझौता करने को मजबूर हो जाएगा। इस समय ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर लागू है, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के संकेत नहीं मिल रहे। 28 फरवरी को हुए हमलों के बाद भी ईरान ने सख्त रुख बनाए रखा है और साफ कहा है कि कोई भी समझौता उसकी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों के अनुसार ही होगा।
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