मुंबई, 21 जनवरी : भारतीय रुपया बुधवार को शुरुआती कारोबार में 61 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.28 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। डॉलर की स्थिर मांग और वैश्विक स्तर पर सतर्कता भरे माहौल के चलते रुपये पर दबाव देखने को मिला। फॉरेक्स बाजार के जानकारों के अनुसार, भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण वैश्विक बाजारों में जोखिम बढ़ गया है। इसके अलावा विदेशी पूंजी की लगातार निकासी और घरेलू शेयर बाजार में सुस्ती ने भी रुपये की कमजोरी को और बढ़ाया है।
शेयर बाजार में भी गिरावट
उधर, घरेलू शेयर बाजारों में भी बुधवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक बाजारों की कमजोरी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 385.82 अंकों की गिरावट के साथ 81,794.65 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 91.5 अंक टूटकर 25,141 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
किन शेयरों में ज्यादा गिरावट
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आईसीआईसीआई बैंक, ट्रेंट, लार्सन एंड टूब्रो, एचसीएल टेक और इंफोसिस के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। वहीं इटर्नल, सन फार्मा, इंटरग्लोब एविएशन और टाटा स्टील के शेयरों में तेजी देखने को मिली। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि चीन का एसएसई कंपोजिट मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं मंगलवार को अमेरिकी बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुए।
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