अमृतसर, 2 फरवरी : पंजाब सरकार द्वारा अमृतसर स्थित गुरु नानक देव अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों पर लगातार आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। अस्पताल में जहां ओपीडी की पर्ची के लिए 10 रुपये वसूले जा रहे हैं, वहीं वाहन पार्किंग के नाम पर 20 रुपये लिए जा रहे हैं।
पार्किंग ठेका बढ़ने से बढ़ी परेशानी
सरकार ने अस्पताल की पार्किंग का सालाना ठेका बढ़ाकर 40 लाख रुपये से अधिक कर दिया है। इसके चलते अब ठेकेदार इस महंगे ठेके को लेने से कतराने लगे हैं। पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने के कारण मरीजों के परिजनों से मनमानी वसूली हो रही है। पार्किंग में सुरक्षा इंतजामों की कमी के चलते वाहन चोरी की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट जय गोपाल लाली और राजिंदर शर्मा राजू ने बताया कि सुरक्षा कर्मियों की कमी के कारण रोजाना चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में ई-रिक्शा की मदद से मोटरसाइकिल चोरी का मामला भी सामने आया था।
मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं के दावों पर सवाल
लाली और राजू ने कहा कि एक ओर सरकार मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर पार्किंग और पर्ची के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में पार्किंग का ठेका करीब 45 लाख रुपये में हुआ था, जिसकी अवधि 22 जनवरी 2026 को समाप्त हो चुकी है। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की ओर से दोबारा बोली लगाई गई, लेकिन महंगे ठेके और जीएसटी के कारण कोई भी ठेकेदार आगे नहीं आया।
गरीब मरीजों को राहत की मांग
पहले यह ठेका 24 लाख रुपये का था, जिसे अचानक बढ़ाकर आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया। इस पूरे मामले पर जब मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. करमजीत सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनसे कोई जवाब नहीं मिल सका। आरटीआई एक्टिविस्टों ने मांग की कि सरकारी अस्पतालों में ओपीडी पर्ची और पार्किंग दोनों पूरी तरह मुफ्त होनी चाहिए, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को वास्तविक राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जब तक मुफ्त पार्किंग और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था लागू नहीं की जाती, तब तक अस्पताल सेवाओं में सुधार संभव नहीं है।

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