वॉशिंगटन/ब्रिस्बेन, 10 मार्च : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया से अपील की है कि वह ईरान की महिला राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की खिलाड़ियों को उनके देश वापस भेजने की गलती न करे। ट्रंप ने कहा कि यदि ऑस्ट्रेलिया उन्हें शरण नहीं देता तो अमेरिका इन खिलाड़ियों को शरण देने के लिए तैयार है।
राष्ट्रगान न गाने से शुरू हुआ विवाद
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब ऑस्ट्रेलिया में चल रहे एशियन कप के दौरान ईरानी खिलाड़ियों ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ अपने पहले मैच में ईरान का राष्ट्रगान गाने से इनकार कर दिया। खिलाड़ियों ने राष्ट्रगान के दौरान चुप रहकर अपना विरोध दर्ज कराया।
ईरानी मीडिया ने बताया अपमान
इस घटना के बाद ईरान के सरकारी मीडिया ने इसे देश का अपमान बताया। वहीं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी संगठन FIFPRO ने चिंता जताई है कि खिलाड़ियों को ईरान में “देशद्रोही” माना जा सकता है, जिससे उनके लिए वहां लौटना खतरनाक हो सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक ईरानी टीम की पांच खिलाड़ी टीम से अलग होकर ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस की सुरक्षा में चली गई हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सरकार से मदद और शरण देने की मांग की है।
ऑस्ट्रेलिया सरकार कर रही विचार
ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क इन महिला खिलाड़ियों से मिलने के लिए ब्रिस्बेन पहुंच गए हैं। हालांकि विदेश मंत्रालय ने गोपनीयता का हवाला देते हुए अब तक किसी अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं की है।
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