वॉशिंगटन, 29 मार्च : ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपने सैन्य बलों की तैनाती को और बढ़ा दिया है। हाल ही में 3500 मरीन सैनिक इस क्षेत्र में भेजे गए हैं, जिसकी पुष्टि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने की है। इस तैनाती के तहत, एम्फीबियस एसॉल्ट शिप USS त्रिपोली भी क्षेत्र में पहुंच चुका है, जिसमें ये मरीन और अन्य नौसैनिक शामिल हैं। इस बीच, पेंटागन ईरान में संभावित जमीनी अभियानों की तैयारी कर रहा है, जो कई हफ्तों तक चलने की संभावना है।
वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, यदि राष्ट्रपति ट्रंप इस दिशा में कदम उठाने का निर्णय लेते हैं, तो यह एक नए और खतरनाक युद्ध की शुरुआत हो सकती है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति ट्रंप जमीनी अभियान को मंजूरी देंगे या नहीं।
क्या है यू.एस.एस त्रिपोली?
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावित ग्राउंड ऑपरेशन का स्वरूप पूरी तरह से आक्रामक नहीं होगा। इसमें विशेष संचालन बलों और सामान्य पैदल सैनिकों की संयुक्त टुकड़ियों द्वारा छापेमारी की संभावना है। यह एक अत्याधुनिक एम्फीबियस असॉल्ट शिप है, जो F-35 स्टील्थ फाइटर और ओस्प्रे जैसे उन्नत सैन्य विमानों को संचालित करने की क्षमता रखता है।
उल्लेखनीय है कि दो सप्ताह पहले USS Tripoli जापान में तैनात था। यह नई एम्फीबियस सेना समुद्री युद्ध अभियानों और जमीनी हमलों के मिशनों को सफलतापूर्वक अंजाम देने में सक्षम है। ऐसी टुकड़ियों का उपयोग तेजी से तैनाती वाले अभियानों के लिए किया जाता है, जिसमें रणनीतिक स्थलों को सुरक्षित करना, लोगों को सुरक्षित निकालना और तटीय लक्ष्यों पर हमले करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, मध्य पूर्व में अतिरिक्त सैन्य संसाधनों को भेजा जा रहा है, जिसमें USS बॉक्सर और सैन डिएगो से अन्य नौसैनिक इकाइयाँ शामिल हैं।
10000 सैनिकों की तैनाती पर विचार
इस नई तैनाती को ईरान के साथ युद्ध को लेकर अमेरिका की व्यापक सैन्य तैयारियों के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है। यह उन रिपोर्टों के बीच हुई है जिनमें कहा गया है कि पेंटागन इस क्षेत्र में 10000 अतिरिक्त सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है। इसका मकसद राष्ट्रपति ट्रंप को अधिक सैन्य विकल्प उपलब्ध कराना है।

More Stories
अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ सड़कों पर उमड़ा लाखों लोगों का हुजूम
अब कैनेडा में शरण लेना होगा मुश्किल, सरकार ने बढ़ाई सख्ती
ईरान ने भारत से कहा ‘आप ब्रिक्स के अध्यक्ष, युद्ध रोकने के लिए दबाव डालें’