एसएएस नगर, 5 अप्रैल : शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत गुट) को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बड़े झटके लगने के संकेत मिल रहे हैं। सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। शनिवार को पूर्व शिक्षा मंत्री जथेदार तोता सिंह के पुत्र और वरिष्ठ नेता मक्खन बराड़ ने अकाली दल (पुनर सुरजीत) से इस्तीफा देकर बागी गुट से दूरी बना ली है।
इन नेताओं के भी अलग होने की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा, उनके बेटे और सनौर के पूर्व विधायक हरिंदरपाल सिंह चंदूमाजरा, साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री सुरजीत सिंह बरनाला के पुत्र और पूर्व विधायक गगनदीप सिंह बरनाला भी जल्द इस गुट को अलविदा कह सकते हैं। विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि पंजाब और पंथ के हितों को ध्यान में रखते हुए कई बड़े नेता अपनी “मां पार्टी” शिरोमणि अकाली दल में वापसी कर सकते हैं। इसको लेकर राजनीतिक माहौल काफी गरमाया हुआ है।
एकता के लिए प्रयास जारी
दूसरी ओर, पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा, पूर्व पंचायत मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष लौंगोवाल समेत कई नेताओं को अकाली दलों में एकता के लिए मनाने की कोशिशें जारी हैं। हालांकि, फिलहाल ढींडसा और अन्य नेता इसके लिए तैयार नहीं बताए जा रहे हैं। पहले यह चर्चा थी कि पटियाला में होने वाली रैली में चंदूमाजरा सहित अन्य नेता घर वापसी करेंगे, लेकिन हरी सिंह चंदूमाजरा की अंतिम अरदास और श्रद्धांजलि कार्यक्रम के चलते यह कार्यक्रम टाल दिया गया है।
श्रद्धांजलि समागम पर टिकी नजरें
अब सभी की नजरें चंदूमाजरा गांव में होने वाले श्रद्धांजलि कार्यक्रम पर हैं। माना जा रहा है कि इसमें शामिल होने वाले बड़े नेताओं की मौजूदगी को भी संभावित “घर वापसी” से जोड़कर देखा जा रहा है।
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