चंडीगढ़, 16 अप्रैल : केंद्र सरकार ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में राजस्थान और हिमाचल प्रदेश को स्थायी सदस्य बनाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया है। इसके लिए पंजाब पुनर्गठन अधिनियम-1966 की धारा 79 (2) (ए) में संशोधन किया जाएगा। केंद्रीय बिजली मंत्रालय को भागीदार राज्यों से स्थायी सदस्यों की संख्या दो से बढ़ाकर चार करने के लिए सुझाव प्राप्त हो चुके हैं।
मंत्रालय जल्द ही संसद में संशोधन विधेयक पेश करेगा। इससे पहले 13 अप्रैल को जारी अधिसूचना के जरिए पंजाब और हरियाणा से बीबीएमबी में स्थायी सदस्यता समाप्त कर दी गई थी। अब नए सदस्यों के रूप में राजस्थान और हिमाचल प्रदेश को शामिल करने की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित
पंजाब सरकार ने केंद्र के इस कदम का कड़ा विरोध किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर अपना विरोध दर्ज करवा चुके हैं। 12 फरवरी को भी राज्य सरकार ने केंद्रीय बिजली मंत्रालय को पत्र भेजकर दो नए स्थायी सदस्य बनाने के फैसले का विरोध किया था।
यह मुद्दा 17 नवंबर 2025 को सूरजकुंड (हरियाणा) में हुई उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में भी उठाया गया था। पंजाब सरकार ने अपने पत्रों में तर्क दिया है कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम-1966 की धाराओं 78 और 79 को सुप्रीम कोर्ट में सिविल याचिका संख्या 2 वर्ष 2007 के तहत चुनौती दी गई है और इसका फैसला अभी लंबित है। ऐसे में केंद्र सरकार को इस अधिनियम में संशोधन करने से बचना चाहिए।
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