नई दिल्ली, 18 अप्रैल : ईरान ने एक बार फिर होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जिसे शुक्रवार को खोला गया था। अब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर फिर से पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। ईरान का कहना है कि उसने अमेरिका के साथ बातचीत के बाद कुछ तेल और माल ढोने वाले जहाजों को गुजरने की अनुमति दी थी, लेकिन अमेरिका ने अपने वादे पूरे नहीं किए। इसके बजाय नाकेबंदी के नाम पर जहाजों के साथ सख्ती की गई।
सीजफायर समझौते के उल्लंघन का आरोप
ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह स्थिति सीजफायर समझौते का उल्लंघन है। इसी कारण अब होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह सेना के नियंत्रण में होगी। ईरान ने चेतावनी दी है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी नहीं हटाता, तब तक वह होर्मुज़ से जहाजों को गुजरने की अनुमति नहीं देगा। अमेरिका ने नाकेबंदी हटाने से इनकार कर दिया है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि जब तक ईरान अमेरिका के साथ कोई समझौता नहीं करता, तब तक यह स्थिति बनी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका हर हाल में ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम पर नजर रखेगा और अगर बातचीत से समाधान नहीं निकला तो और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
ब्रिटेन की अपील
ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने ईरान से अपील की है कि वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को पूरी तरह से फिर से शुरू करने की अनुमति दे। तुर्किये में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि हम एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मोड़ पर हैं, जहां सीजफायर लागू हो चुका है, लेकिन होर्मुज़ से सामान्य आवाजाही अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। उन्होंने जोर दिया कि युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलने की जरूरत है और यह जलमार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

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