लखनऊ, 18 अप्रैल: Allahabad High Court की लखनऊ बेंच ने कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi को बड़ी राहत देते हुए अपने ही आदेश पर यू-टर्न ले लिया है। अदालत ने कथित दोहरी नागरिकता मामले में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश पर रोक लगा दी है।
शनिवार को जारी आदेश में कोर्ट ने कहा कि सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता और केंद्र व राज्य सरकार के वकीलों से पूछा गया था कि क्या राहुल गांधी को नोटिस जारी करना जरूरी है। वकीलों ने कहा कि इसकी आवश्यकता नहीं है, जिसके बाद खुले कोर्ट में FIR दर्ज करने का आदेश दे दिया गया था।
हालांकि, आदेश टाइप और साइन करने से पहले अदालत ने कानूनी स्थिति की समीक्षा की और पाया कि प्रस्तावित आरोपी को नोटिस देना अनिवार्य है।
2014 के फैसले का हवाला
जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने Allahabad High Court Full Bench के 2014 के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते समय आरोपी को नोटिस देना जरूरी होता है। इस आधार पर बिना नोटिस दिए आदेश पारित करना उचित नहीं माना गया।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अप्रैल 2026 की तारीख तय की है। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई नोटिस जारी होने के बाद ही होगी।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि कर्नाटक निवासी एस. विग्नेश शिशिर की याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने और कथित दोहरी नागरिकता मामले की जांच के निर्देश दिए थे।
याचिकाकर्ता ने Indian Penal Code, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट कानून के तहत गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, निचली अदालत पहले ही इस याचिका को खारिज कर चुकी थी।

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