April 19, 2026

बेअदबी मामलों की जांच के लिए पंजाब पुलिस ने जारी की नई SOP

बेअदबी मामलों की जांच के लिए...

चंडीगढ़, 19 अप्रैल: पंजाब पुलिस अब बेअदबी के मामलों की जांच एक नए और उन्नत दृष्टिकोण से करेगी। यह बदलाव उस समय सामने आया है जब गुलाब चंद कटारिया ने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार बिल 2026’ को मंजूरी दी। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचते ही धार्मिक मर्यादा का पालन करना अनिवार्य होगा। साथ ही जांच का दायरा भी काफी बढ़ाया गया है।

SOP जारी, सम्मान के साथ संभाल के निर्देश

इस संबंध में पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (PBI) द्वारा विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की गई है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप (अंगों) को पूर्ण सम्मान और मर्यादा के साथ संभाला जाए और यह प्रक्रिया पुलिस के मौके पर पहुंचते ही शुरू होनी चाहिए।

डिजिटल युग की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए SOP में “डिजिटल बेअदबी” को भी गंभीर अपराध माना गया है। इसके तहत मॉर्फ की गई तस्वीरें, डीपफेक वीडियो, मीम्स और WhatsApp, Telegram, Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा आपत्तिजनक सामग्री की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सामग्री हटाने से पहले उससे जुड़ी तकनीकी जानकारी—जैसे URL, टाइमस्टैम्प, पोस्ट आईडी और डिवाइस फिंगरप्रिंट—सुरक्षित रखी जाए। साथ ही Meta Platforms, X और YouTube जैसी कंपनियों के साथ सहयोग भी जरूरी किया गया है।

जांच के लिए सख्त समय-सीमा

अदालती प्रक्रिया को तेज करने के लिए सख्त समय-सीमाएं तय की गई हैं। जिन मामलों में सजा 7 साल से अधिक है, उनकी जांच 90 दिनों में और अन्य मामलों की जांच 60 दिनों में पूरी करनी होगी। यह नियम जमानत पर चल रहे आरोपियों पर भी लागू होंगे, ताकि न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और तेज बनाया जा सके।

नई SOP के तहत अब जांच में क्रिप्टोकरेंसी के जरिए फंडिंग, सीमा पार साजिशें और मानसिक रूप से अस्थिर आरोपियों की मनोवैज्ञानिक जांच जैसे पहलुओं को भी शामिल किया गया है, जिससे मामलों की गहराई से पड़ताल की जा सके।