चंडीगढ़, 02 जुलाई 2026: नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस), थल सेना प्रमुख और नौसेना प्रमुख की मौजूदगी में होने वाली पहली रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में कई बड़े रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की संभावना है।
इनमें राफेल और एलसीए तेजस विमानों के लिए हवा से जमीन पर सटीक हमला करने वाली हैमर मिसाइलें, बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली वर्बा, स्थिर पंख वाले छद्म उपग्रह और नौसेना के जहाजों पर तैनात किए जाने वाले हवाई सिस्टम शामिल हैं।
डीएसी की बैठक कई महीनों के बाद हो रही है। इसमें पहली बार सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन शामिल होंगे।
रक्षा सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को होने वाली बैठक में एक अहम स्वदेशी प्रणाली को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने भारतीय सेना के लिए एक ऐसी टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल (एमपी-एटीजीएम) विकसित की है, जिसे एक व्यक्ति आसानी से ले जा सकता है।
इस मिसाइल को बड़ी संख्या में सेना में शामिल करने का प्रस्ताव है।
प्रस्ताव के अनुसार, भारतीय सेना को 100 लॉन्चर, 2300 मिसाइलें और इस हथियार प्रणाली के लिए पांच सिम्युलेटर मिलेंगे।
इस स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित प्रणाली का उत्पादन भारत डायनेमिक्स लिमिटेड करेगी। रक्षा मंत्रालय इस हथियार प्रणाली के लिए निजी क्षेत्र में नए उत्पादन साझेदार भी तलाशेगा।
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