चंडीगढ़, 02 जुलाई 2026: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच तेज हो गई है। गुरुवार को उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम (एसआईटी) अयोध्या पहुंची और मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा समेत कई लोगों से पूछताछ की। जांच एजेंसी मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
सूत्रों के अनुसार एसआईटी को भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और रिश्वतखोरी की आशंका है। जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि महाकुंभ के दौरान चढ़ावे के प्रबंधन में किसी तरह की गड़बड़ी हुई थी या नहीं। इस सिलसिले में मंदिर के कुछ सेवादारों से भी पूछताछ की गई।
जांच के दौरान अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भूमिका भी एजेंसियों के रडार पर है। सूत्रों का दावा है कि अब तक गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों ने पूछताछ में दोनों के नाम लिए हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला को कोर्ट ने 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाने में जुटी है। इसके अलावा अन्य आरोपियों को भी रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस आरोपियों की संपत्तियों और आय के स्रोतों की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उनकी संपत्तियां वैध आय से बनाई गई हैं या उनका संबंध कथित चढ़ावा चोरी से है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वारदात किसी संगठित गिरोह ने अंजाम दी थी या अलग-अलग स्तर पर गड़बड़ी की गई।
अविनाश शुक्ला प्रतापगढ़ जिले के नरियावां बाबूपुर गांव का रहने वाला है। उसके पिता किसान हैं और परिवार के पास खेती की जमीन है। वर्ष 2025 में वह अयोध्या आया था, जहां उसे राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती का काम मिला। पुलिस अब उसकी आय, संपत्तियों और हाल के वर्षों में हुई आर्थिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
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