त्रिनिदाद, 4 जुलाई : भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के दौरे के दूसरे चरण में गुरुवार को दो दिवसीय यात्रा पर त्रिनिदाद और टोबैगो पहुंचे। 1999 के बाद से किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस कैरेबियाई द्वीपीय देश की यह पहली द्विपक्षीय यात्रा है। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग में इसके मिशन विकास के नए इंजन बन रहे हैं।
भारत अवसरों की भूमि
गुरुवार को प्रवासी भारतीयों की एक सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि आज भारत अवसरों की भूमि है और इसके विकास और प्रगति का लाभ ‘सबसे ज़्यादा ज़रूरतमंदों’ तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा, ‘नए भारत के लिए आसमान की कोई सीमा नहीं है।’ इस कार्यक्रम में त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर, उनके कैबिनेट सदस्य, सांसद और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
त्रिनिदाद और टोबैगो के बारे में कहीं अहम बातें
अपने संबोधन के दौरान मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय समुदाय की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘उन्होंने अपनी ज़मीन छोड़ी, लेकिन अपनी आत्मा नहीं। उन्होंने गंगा और यमुना को पीछे छोड़ दिया, लेकिन अपने दिलों में रामायण को साथ लेकर गए। उन्होंने अपनी मिट्टी छोड़ी, लेकिन अपनी आत्मा नहीं। वे सिर्फ़ प्रवासी नहीं थे। वे एक सनातन सभ्यता के संदेशवाहक थे। उनके योगदान ने इस देश को सांस्कृतिक, आर्थिक और आध्यात्मिक रूप से लाभान्वित किया है। देखिए आप सभी ने इस खूबसूरत देश पर क्या प्रभाव डाला है।
मोदी ने कहा कि भारत गिरमिटिया समुदाय का एक व्यापक डेटाबेस बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। गिरमिटिया लोग बंधुआ मजदूर थे जिन्हें ब्रिटिश शासन के दौरान फिजी, दक्षिण अफ्रीका, मॉरीशस और कैरेबियाई देशों के बागानों में काम करने के लिए भारत से लाया गया था।

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