नई दिल्ली, 22 अगस्त : उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक घमासान तेज़ हो गया है। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को लेकर कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वामपंथी नक्सलियों के समर्थक को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया है।
अमित शाह ने कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव को दक्षिण बनाम दक्षिण के नज़रिए से नहीं देखा जाना चाहिए। देश का उपराष्ट्रपति किसी भी राज्य से हो सकता है। मेरे हिसाब से ऐसा सोचना सही नहीं है।
‘केरल में कांग्रेस की जीत की संभावनाएं खत्म’
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के इस कदम से केरल में कांग्रेस की जीत की जो थोड़ी-बहुत संभावनाएं थीं, वे भी खत्म हो गई हैं। क्योंकि विपक्षी उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी वही व्यक्ति हैं जिन्होंने वामपंथी उग्रवाद को मदद पहुंचाने के लिए सलवा जुधम का फैसला दिया था और अगर यह फैसला नहीं दिया गया होता तो वामपंथी नक्सलवाद 2020 तक खत्म हो गया होता। ये वही सज्जन हैं जिन्होंने विचारधारा से प्रेरित होकर सलवा जुधम का फैसला दिया था।
शाह ने कहा कि केरल नक्सलवाद का शिकार रहा है। उन्होंने कहा, “केरल की जनता ज़रूर देखेगी कि कांग्रेस पार्टी, वामपंथी दलों के दबाव में, एक ऐसे उम्मीदवार को मैदान में उतार रही है जिसने नक्सलवाद का समर्थन किया और सुप्रीम कोर्ट जैसे पवित्र मंच का इस्तेमाल किया।”
सुदर्शन रेड्डी ने क्या फैसला दिया?
दिसंबर 2011 में, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रेड्डी ने फैसला सुनाया कि माओवादी विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई में आदिवासी युवाओं को विशेष पुलिस अधिकारी के रूप में इस्तेमाल करना – चाहे उन्हें ‘कोया कमांडो’, सलवा जुडूम या किसी और नाम से जाना जाए – गैरकानूनी और असंवैधानिक है। उन्होंने यह भी आदेश दिया कि उन्हें तुरंत निरस्त्र कर दिया जाए।

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