चंडीगढ़, 28 जून 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि अकाली बेअदबी विरोधी एक्ट का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि उन्हें अपने पिछले गुनाहों का हिसाब देना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अकालियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के लिए जिम्मेदार ताकतों के साथ हाथ मिलाया था। फरीदकोट में आयोजित एक “लोक मिलनी” कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पारंपरिक राजनीतिक दलों को पंजाब को लूटने के लिए जिम्मेदार ठहराया।
जनकल्याण के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्कूली शिक्षा में पंजाब के देश का अग्रणी राज्य बनने, बिना किसी भ्रष्टाचार के 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियां देने, नहरी सिंचाई को 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत से अधिक करने, एक जुलाई से पात्र महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता शुरू करने तथा “मुख्यमंत्री सेहत योजना” के तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने जैसी उपलब्धियों का उल्लेख किया।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली बेअदबी विरोधी एक्ट का पूरी तरह विरोध कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि उन्हें अतीत में किए गए गुनाहों की कीमत चुकानी पड़ेगी। अकाली उन राष्ट्रविरोधी ताकतों के साथ मिले हुए थे जिन्होंने पहले बेअदबी की साजिशें रची थीं। अब उन्हें अपने बुरे कर्मों का परिणाम भुगतना पड़ रहा है, इसलिए वे और उनके समर्थक इस बेअदबी विरोधी एक्ट का विरोध कर रहे हैं। लेकिन इससे मुझे जनता की भलाई के लिए काम करने से कोई नहीं रोक सकता और मैं इसके लिए हरसंभव प्रयास करता रहूंगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझसे पहले के मुख्यमंत्री कभी आम लोगों से नहीं मिले क्योंकि वे मौसम देखकर ही अपने आरामदायक घरों से बाहर निकलते थे, जबकि मैं जनता के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध हूं। इन नेताओं ने अपने सरकारी पदों का दुरुपयोग कर अकूत संपत्ति अर्जित की और अवैध रूप से बड़े-बड़े महल बनाए। उनकी आलीशान कोठियों की ऊंची दीवारें थीं और उनके दरवाजे आम जनता के लिए हमेशा बंद रहते थे। वे लोगों की पहुंच से दूर रहे और अंततः जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया।”
उन्होंने कहा, “पंजाब की जनता ने उन नेताओं को नकार दिया है जिन्होंने बारी-बारी से राज्य को लूटा। इन नेताओं ने लंबे समय तक लोगों को गुमराह किया, लेकिन अब पंजाब के जागरूक लोग इनके झूठे प्रचार में आने वाले नहीं हैं। इन अहंकारी नेताओं ने हमेशा जनता को हल्के में लिया और अंततः जनता ने उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया। अब जब जनता उन्हें समर्थन नहीं दे रही, तो वे बौखलाए हुए हैं। इनका एजेंडा हमेशा जनता की भलाई के बजाय केवल अपने परिवारों की भलाई तक सीमित रहा है।”
कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “उन्होंने सत्ता की लालसा में लंबे समय तक जनता को गुमराह किया। इन दलों के पास राज्य की संपत्ति लूटने और आम लोगों का शोषण करने के अलावा कोई एजेंडा नहीं था। पंजाब की जनता सर्वोपरि है और वह राज्य सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है, जिसने उनकी भलाई के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। माजा क्षेत्र का लंबे समय तक प्रतिनिधित्व करने वाले तस्करों ने पंजाब की पीढ़ियों को बर्बाद किया है और आने वाले विधानसभा चुनावों में जनता को उन्हें सबक सिखाना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम साधारण बिस्कुट खाते हैं, जबकि पहाड़ों के कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े ये नेता हमेशा अपने पूर्वजों द्वारा तस्करी किए गए सोने के बिस्कुट इस्तेमाल करते रहे हैं। इन नेताओं के पास न कोई विचारधारा है और न ही आम आदमी की सेवा की भावना। वे केवल सत्ता हासिल करने की अंधी दौड़ में लगे हुए हैं। इन शाही नेताओं का आम लोगों से कोई सरोकार नहीं है। उनकी गाड़ियां, ओवरकोट, अलमारियां और जीवनशैली हमारी तरह बिल्कुल नहीं है।”
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