चंडीगढ़, 5 अप्रैल : चंडीगढ़ में एक्स-सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ईसीएचएस) के तहत एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। सेवानिवृत्त फौजियों के इलाज के नाम पर फर्जी बिल बनाकर लाखों रुपये की ठगी की गई।
सीबीआई ने इस मामले में दो डॉक्टरों और कुछ बिलिंग क्लर्कों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर किया गया, लेकिन उन्हें वास्तव में भर्ती किए बिना ही कागजों में कई दिनों तक दाखिल दिखाया गया। इसके बाद इलाज, जांच और दवाइयों के नाम पर भारी-भरकम फर्जी बिल तैयार कर ईसीएचएस से भुगतान लिया गया।
चंडीगढ़-मोहाली के कई निजी अस्पतालों पर छापेमारी
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ निजी अस्पतालों ने इस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए फर्जी ईसीएचएस मुहरें तक बनाईं। इनका इस्तेमाल रेफरल स्लिप और दस्तावेजों में हेराफेरी के लिए किया गया। सीबीआई की टीमों ने करीब 48 घंटे तक लगातार छापेमारी करते हुए चंडीगढ़ और मोहाली के 7-8 निजी अस्पतालों से रिकॉर्ड, मरीजों की फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।
फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्राइसिटी के ईसीएचएस से जुड़े सभी निजी अस्पतालों की बिलिंग अस्थायी रूप से रोक दी गई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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