कोलकाता, 21 मई : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने केंद्र सरकार को सूचित किया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृष्टिकोण को वैश्विक मंचों पर प्रस्तुत करने के लिए गठित सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों में भाग नहीं लेगी। यह निर्णय हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संदर्भ में लिया गया है, जिसके बाद केंद्र सरकार ने इन प्रतिनिधिमंडलों को विदेश भेजने की योजना बनाई है।
यूसुफ पठान को भी रोका
पार्टी के सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस ने अपने लोकसभा सांसद यूसुफ पठान को इस यात्रा में शामिल नहीं होने का निर्देश दिया है। हालांकि, पार्टी ने अपने इस निर्णय का औपचारिक कारण नहीं बताया है, लेकिन केंद्र सरकार को इसकी जानकारी पहले ही दे दी गई है। यह कदम राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे टीएमसी की केंद्र सरकार के साथ संबंधों में और तनाव बढ़ सकता है।
केंद्र सरकार की योजना के तहत, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के सदस्य देशों सहित कुल 32 देशों और बहुपक्षीय प्रतिनिधिमंडलों को यूरोपीय संघ के मुख्यालय ब्रुसेल्स भेजा जाना है। इस प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता प्रदर्शित करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के दृष्टिकोण को मजबूती से प्रस्तुत करना है। ऐसे में टीएमसी का इस प्रक्रिया से बाहर रहना राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण संकेत है।
यह भी देखें : https://bharatdes.com/people-are-laying-pipelines-to-avoid-falling-water-level-in-border-areas/

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