नई दिल्ली, 15 अप्रैल : केंद्र सरकार 2029 के आम चुनावों से पहले महिला आरक्षण को पूरी तरह लागू करने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रस्ताव के तहत लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर करीब 850 किया जाएगा। संविधान संशोधन विधेयक के मसौदे के अनुसार, संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी। इसके लिए सीटों की कुल संख्या बढ़ाना जरूरी माना गया है, ताकि मौजूदा प्रतिनिधित्व पर असर कम पड़े।
सीमांकन (Delimitation) होगा जरूरी
सीटों में बढ़ोतरी के बाद नई सीमांकन प्रक्रिया लागू की जाएगी, जो नवीनतम जनगणना के आधार पर होगी। फिलहाल भारत की जनगणना 2011 के आंकड़े उपलब्ध हैं, जबकि 2027 की जनगणना प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राज्यों से चुने जाने वाले सदस्यों की अधिकतम संख्या 815 हो सकती है। केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अधिकतम 35 सदस्य निर्धारित किए जाएंगे। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 81 में संशोधन किया जाएगा।
रोटेशन के आधार पर सीटों का आवंटन
महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें स्थायी नहीं होंगी, बल्कि उन्हें अलग-अलग चुनाव क्षेत्रों में रोटेशन के आधार पर लागू किया जाएगा। इससे विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं को प्रतिनिधित्व का अवसर मिलेगा। सरकार तीन दिवसीय विशेष सत्र के दौरान संविधान संशोधन विधेयक, सीमांकन (Delimitation) से जुड़ा विधेयक, महिला आरक्षण का दायरा बढ़ाने वाला कानून, पेश करने की तैयारी में है। प्रस्तावित कानून को दिल्ली, जम्मू और कश्मीर और पुडुचेरी जैसे विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों तक भी विस्तारित किया जाएगा।
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