जालंधर, 26 सितंबर : जालंधर जिला प्रशासन ने एक बार फिर जिले में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए 9 स्थानों की पहचान करते हुए आदेश जारी किए हैं, हालांकि पिछले कई महीनों में कई बार ऐसे आदेश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका पालन न होना एक तरह से लापरवाही ही है। जिले भर की सड़कों पर विभिन्न संगठनों द्वारा अचानक किए जाने वाले विरोध प्रदर्शनों के कारण अक्सर यातायात ठप हो जाता है, जिससे राहगीरों और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
निर्धारित स्थानों पर ही धरना
जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेशों के अनुसार अब कोई भी संगठन अपने अधिकारों या मांगों के लिए केवल निर्धारित स्थानों पर ही धरना दे सकेगा। इन स्थानों में पुडा ग्राउंड (तहसील कॉम्प्लेक्स के सामने), देश भगत यादगार हॉल, बर्ल्टन पार्क, दशहरा ग्राउंड (जालंधर कैंट), इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट ग्राउंड (करतारपुर), दाना मंडी (भोगपुर), कपूरथला रोड (नकोदर का पश्चिमी भाग), दाना मंडी गांव सैफावाला (फिल्लौर), नगर पंचायत कॉम्प्लेक्स (शाहकोट) शामिल हैं।
किसी भी प्रकार का हथियार लाने पर प्रतिबंध
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट-सह-ए.डी.सी. (जनरल) अमनिंदर कौर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी संगठन को प्रदर्शन करने से पहले पुलिस कमिश्नर या संबंधित उप-मंडल मजिस्ट्रेट से अनुमति लेनी होगी। प्रदर्शन में चाकू, डंडा आदि किसी भी प्रकार का हथियार लाने पर प्रतिबंध रहेगा। इतना ही नहीं, आयोजक को यह लिखित में देना होगा कि वह हर चौराहे पर मार्शल नियुक्त करेगा और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराएगा। अगर प्रदर्शन के दौरान कोई गैरकानूनी गतिविधि होती है और जान-माल का नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी आयोजक या प्रदर्शनकारी की होगी।
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