तहरान, 27 अप्रैल : मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत में अभी तक कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया है। इसी बीच ईरान के एक वरिष्ठ नेता ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेज़ई ने कहा कि पाकिस्तान भले ही उनका दोस्त है, लेकिन वह इस बातचीत में एक निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभा सकता, क्योंकि वह अमेरिका के अहसानों तले दबा हुआ है।
मध्यस्थ की निष्पक्षता पर जोर
रेज़ई के अनुसार, पाकिस्तान अक्सर Donald Trump और अमेरिका के हितों को ध्यान में रखता है और उनके खिलाफ खुलकर नहीं बोलता, इसलिए उसे निष्पक्ष नहीं माना जा सकता। रेज़ई ने कहा कि एक अच्छा मध्यस्थ वही होता है जो दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाए रखे, न कि किसी एक पक्ष की ओर झुका हुआ हो। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 24 घंटे के भीतर दो बार पाकिस्तान का दौरा किया है।
शांति प्रस्ताव से जगी उम्मीद
ईरान और इज़राइल के बीच जारी संघर्ष को खत्म करने की दिशा में एक नई उम्मीद सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को एक नई “शांति पेशकश” भेजी है। इस प्रस्ताव में ईरान ने वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को दोबारा खोलने और युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने की बात कही है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने यह भी सुझाव दिया है कि विवादित परमाणु वार्ता को फिलहाल बाद के चरण के लिए टाल दिया जाए, ताकि तत्काल शांति स्थापित की जा सके।
अमेरिका की ओर से अभी चुप्पी
हालांकि, इस पूरे मामले पर अमेरिकी विदेश विभाग और व्हाइट हाउस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि ईरान लंबे समय से यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार को मान्यता देने की मांग करता रहा है। जहां तेहरान इसे शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बताता है, वहीं पश्चिमी देशों को आशंका है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
यह भी देखें : अमेरिका-ईरान शांति वार्ता ठप होने के बाद रूस पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री

More Stories
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता ठप होने के बाद रूस पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री
व्हाइट हाउस प्रेस डिनर शूटिंग : आरोपी की “टारगेट लिस्ट” नहीं थे काश पटेल
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता टूटी, कूटनीतिक प्रयासों को बड़ा झटका