नई दिल्ली: जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, मच्छरों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। ऐसी स्थिति में सतर्क रहना बहुत जरूरी है। दरअसल, गर्मियों में मच्छरों की संख्या बढऩे से कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मलेरिया और डेंगू मच्छरों के काटने से फैलने वाली सबसे आम बीमारियों में से हैं। कहा जाता है कि अगर इस बीमारी का समय पर इलाज न किया जाए तो मरीज की मौत भी हो सकती है।
आज हम मलेरिया के बारे में बात करेंगे। मलेरिया के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। इस दिन लोगों को इस बीमारी की रोकथाम और लक्षणों के बारे में जागरूक किया जाता है। यदि समय रहते रोग की पहचान हो जाए तो उपचार संभव हो जाता है। ऐसे में हमारे लिए यह जानना जरूरी है कि मलेरिया कितने प्रकार का होता है। उनके लक्षण क्या हैं? आइये विस्तार से जानें :
इसे मलेरिया का सबसे घातक प्रकार माना जाता है। अधिकतर मौतें इसी कारण होती हैं। यह विशेष रूप से अफ्रीका और दक्षिण एशिया में पाया जाता है।
लक्षण : बहुत तेज बुखार, ठंड लगना और पसीना आना, उल्टी और दस्त, भ्रम या दौरे, गुर्दे और यकृत विफलता की स्थिति, प्लास्मोडियम विवैक्स।
यह भारत में मलेरिया का सबसे आम प्रकार है। यह यकृत में लम्बे समय तक सुप्त अवस्था में रह सकता है तथा महीनों बाद पुन: सक्रिय हो सकता है। जब यह बैक्टीरिया आपके शरीर में प्रवेश करता है, तो आपको विभिन्न प्रकार के लक्षण अनुभव हो सकते हैं।
लक्षण मध्यम से तेज़ बुखार जो हर 2 दिन में आता है, ठण्ड लग रही है, कमज़ोरी और थकान, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द, भूख में कमी, हाथ-पैरों में दर्द

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