नई दिल्ली, 3 मार्च : इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ जारी संघर्ष पर अहम बयान देते हुए कहा है कि भले ही इस युद्ध में कुछ समय लग सकता है, लेकिन यह कई वर्षों तक चलने वाला नहीं होगा। नेतन्याहू ने उम्मीद जताई कि यह संघर्ष पश्चिम एशिया में स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करेगा और इससे इज़राइल तथा सऊदी अरब के संबंधों में भी सुधार की संभावना बनेगी।
रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला
इससे पहले रियाद में स्थित संयुक्त राज्य अमेरिका दूतावास रियाद मंगलवार सुबह दो ड्रोन हमलों का निशाना बना। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि हमले के कारण दूतावास की इमारत में मामूली आग लग गई और कुछ संपत्ति का नुकसान हुआ है। हमला सुबह के समय हुआ, जब इमारत खाली थी, जिसके चलते कोई जनहानि नहीं हुई। रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर के ऊपर काले धुएं के गुबार देखे गए, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
बढ़ते क्षेत्रीय तनाव का असर
विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला ईरान और अमेरिका-इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव का परिणाम है। हाल ही में ईरान पर हुए हमलों के जवाब में तेहरान खाड़ी क्षेत्र के उन देशों को निशाना बना रहा है, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी दूतावास ने रियाद में रह रहे अपने नागरिकों को ‘शेल्टर-इन-प्लेस’ (सुरक्षित स्थान पर रहने) की सलाह जारी की है और अगली सूचना तक दूतावास से दूर रहने को कहा है।
डोनाल्ड ट्रंप का सख्त रुख
हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने ईरान की कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी और संभावित जवाबी कार्रवाई के संकेत देते हुए कहा, “आपको जल्द ही पता चल जाएगा।” पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच वैश्विक समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आगे हालात किस दिशा में बढ़ते हैं।
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