लद्दाख, 13 अप्रैल : पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को नरेंद्र मोदी और अमित शाह से लद्दाख के ज्वलंत मुद्दों के समाधान के लिए समय पर कदम उठाने की अपील की है। वांगचुक ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय और लद्दाख के नेताओं के बीच अगली बैठक की तारीख अब तक तय नहीं हुई है। इससे क्षेत्र के लोगों में निराशा बढ़ रही है।
‘भरोसे और अविश्वास के बीच लद्दाख’
अपने लेख “भरोसे और अविश्वास के बीच लद्दाख” में वांगचुक ने बताया कि उनकी नजरबंदी खत्म हुए एक महीना हो चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि केंद्र सरकार इस कदम के बाद विश्वास बहाली और सार्थक संवाद की दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि 4 फरवरी को हुई पिछली बैठक के बाद करीब ढाई महीने बीत चुके हैं, लेकिन अगली वार्ता को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है।
साम्प्रदायिक तनाव की चेतावनी
वांगचुक ने चेतावनी दी कि बातचीत में देरी का फायदा उठाकर कुछ तत्व लेह और कारगिल के बौद्ध और मुस्लिम समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र के लोग खुद को निराश और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वांगचुक ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि देशहित को प्राथमिकता देते हुए लद्दाख के मुद्दों का जल्द समाधान किया जाए, ताकि क्षेत्र में विश्वास और स्थिरता बहाल हो सके।

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